
हिंदू पंचांग के अनुसार यह पर्व चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को आता है।
👉 नवमी तिथि प्रारंभ: 26 मार्च 2026 (दोपहर बाद)
👉 नवमी तिथि समाप्त: 27 मार्च 2026 (दोपहर तक)
📌 इसलिए उदय तिथि (सूर्योदय के अनुसार) के आधार पर राम नवमी 27 मार्च को ही मनाई जाएगी।
🕉️ राम नवमी का महत्व
राम नवमी भगवान श्री राम के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है।
भगवान राम को धर्म, सत्य और मर्यादा का प्रतीक माना जाता है।
यह पर्व खासतौर पर अयोध्या में बहुत धूमधाम से मनाया जाता है, जहां लाखों श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं।
👉 इस दिन पूजा और व्रत करने से:
जीवन में सुख-शांति आती है
नकारात्मकता दूर होती है
परिवार में खुशहाली बनी रहती है
⏰ शुभ मुहूर्त (Puja Muhurat)
राम नवमी की पूजा का सबसे शुभ समय मध्याह्न (दोपहर) माना जाता है, क्योंकि इसी समय भगवान राम का जन्म हुआ था।
👉 मध्याह्न मुहूर्त (अनुमानित):
🕛 सुबह 11:00 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक
📌 इस समय पूजा करना सबसे फलदायी माना जाता है।
🪔 राम नवमी पूजा विधि (Step-by-Step)
1️⃣ सुबह जल्दी उठकर स्नान करें
साफ कपड़े पहनें और व्रत का संकल्प लें।
2️⃣ पूजा स्थान की तैयारी करें
घर के मंदिर में भगवान राम, सीता, लक्ष्मण और हनुमान की प्रतिमा स्थापित करें।
3️⃣ कलश स्थापना करें
कलश में जल भरकर आम के पत्ते और नारियल रखें।
4️⃣ दीपक और धूप जलाएं
पूजा की शुरुआत दीपक और अगरबत्ती जलाकर करें।
5️⃣ पाठ और मंत्र जाप करें
रामचरितमानस या रामायण का पाठ करें और
“ॐ श्री रामाय नमः” मंत्र का जाप करें।
6️⃣ भोग लगाएं
भगवान को फल, मिठाई, पंजीरी आदि अर्पित करें।
7️⃣ आरती करें
अंत में आरती करके प्रसाद सभी में बांटें।
🍽️ व्रत में क्या खाएं?
अगर आप व्रत रखते हैं तो इन चीजों का सेवन कर सकते हैं:
फल (केला, सेब, पपीता)
दूध और दही
साबूदाना खिचड़ी या वड़ा
कुट्टू या सिंघाड़े के आटे की रोटी
📌 राम नवमी पर क्या करें और क्या न करें
✔️ क्या करें:
भगवान राम का ध्यान और भजन करें
घर में साफ-सफाई रखें
जरूरतमंदों को दान करें
❌ क्या न करें:
झूठ और क्रोध से दूर रहें
मांसाहार और शराब का सेवन न करें
🧾 निष्कर्ष
👉 राम नवमी 2026, 27 मार्च को मनाई जाएगी
👉 पूजा का सबसे शुभ समय मध्याह्न (दोपहर) है
👉 श्रद्धा और सही विधि से पूजा करने से भगवान राम की कृपा प्राप्त होती है