दिल्ली, 9 फरवरी 2025 – दिल्ली, भारत की राजधानी, ने स्वतंत्रता के बाद से कई प्रमुख नेताओं को मुख्यमंत्री के रूप में देखा है। प्रत्येक मुख्यमंत्री ने अपने कार्यकाल में दिल्ली के विकास और प्रशासन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यहां हम 1952 से 2025 तक के दिल्ली के मुख्यमंत्रियों की सूची और उनके कार्यकाल की संक्षिप्त जानकारी प्रस्तुत कर रहे हैं।
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चौधरी ब्रह्म प्रकाश (1952-1955)
दिल्ली के पहले मुख्यमंत्री, चौधरी ब्रह्म प्रकाश ने 1952 में पदभार संभाला। उनके कार्यकाल में दिल्ली के बुनियादी ढांचे के विकास की नींव रखी गई।
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गोपाल स्वरूप पाठक (1955-1956)
चौधरी ब्रह्म प्रकाश के बाद गोपाल स्वरूप पाठक ने अल्पकालिक कार्यभार संभाला। उनके कार्यकाल में प्रशासनिक सुधारों पर ध्यान केंद्रित किया गया।
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दिल्ली में राष्ट्रपति शासन (1956-1993)
1956 में दिल्ली को केंद्र शासित प्रदेश घोषित कर दिया गया, और इसके बाद लगभग 37 वर्षों तक यहां राष्ट्रपति शासन रहा। इस दौरान दिल्ली नगर निगम और केंद्र सरकार ने प्रशासनिक कार्यों का संचालन किया।
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मदन लाल खुराना (1993-1996)
दिल्ली में विधानसभा पुनर्गठन के बाद, 1993 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के मदन लाल खुराना मुख्यमंत्री बने। उन्होंने बुनियादी ढांचे और शहरी विकास पर जोर दिया।
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साहिब सिंह वर्मा (1996-1998)
मदन लाल खुराना के बाद साहिब सिंह वर्मा ने मुख्यमंत्री पद संभाला। उनके कार्यकाल में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के प्रयास किए गए।
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सुरेश प्रकाश गोयल (अंतरिम मुख्यमंत्री, 1998)
साहिब सिंह वर्मा के बाद सुरेश प्रकाश गोयल ने अल्पकालिक रूप से मुख्यमंत्री पद संभाला।
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शीला दीक्षित (1998-2013)
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की शीला दीक्षित ने तीन बार मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया। उनके कार्यकाल में दिल्ली में मेट्रो रेल, फ्लाईओवर निर्माण, और शहरी विकास में भारी प्रगति हुई।
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अरविंद केजरीवाल (2013-2014, 2015-2025)
आम आदमी पार्टी (AAP) के संस्थापक अरविंद केजरीवाल ने 2013 में पहली बार मुख्यमंत्री पद संभाला। हालांकि उनका पहला कार्यकाल केवल 49 दिनों का था। 2015 में दोबारा सत्ता में आने के बाद, केजरीवाल ने शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और पानी के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण सुधार किए। उन्होंने 2020 में फिर से भारी बहुमत के साथ जीत हासिल की और 2025 तक दिल्ली के मुख्यमंत्री रहे।
मुख्यमंत्रियों का योगदान:
दिल्ली के मुख्यमंत्रियों ने राजधानी के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। चाहे वह शीला दीक्षित के समय का शहरी विकास हो या अरविंद केजरीवाल के कार्यकाल में शिक्षा और स्वास्थ्य सुधार, प्रत्येक नेता ने दिल्ली के स्वरूप को बदलने में योगदान दिया है।