नवरात्रि हिन्दू धर्म का एक प्रमुख पर्व है, जिसमें माँ दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। नवरात्रि का अर्थ है ‘नौ रातें’, जिनमें भक्त देवी दुर्गा की आराधना कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। वर्ष में दो बार नवरात्रि मनाई जाती है—चैत्र नवरात्रि (मार्च-अप्रैल) और शारदीय नवरात्रि (सितंबर-अक्टूबर)। चैत्र नवरात्रि 2025 विशेष रूप से शुभ मानी जाती है, क्योंकि यह हिंदू नववर्ष की भी शुरुआत करती है। इस वर्ष चैत्र नवरात्रि 2025 अप्रैल माह में मनाई जाएगी और यह आध्यात्मिकता, शक्ति, और भक्ति का संदेश देती है।
चैत्र नवरात्रि 2025 की तिथियाँ और महत्व
चैत्र नवरात्रि की शुरुआत पहले दिन घटस्थापना (कलश स्थापना) के साथ होती है और नवमी के दिन कन्या पूजन के साथ समाप्त होती है। इन नौ दिनों में भक्त उपवास रखते हैं, भजन-कीर्तन करते हैं और माँ दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना करते हैं। नवरात्रि के प्रत्येक दिन एक विशेष देवी को समर्पित होता है।
चैत्र नवरात्रि 2025 के नौ दिनों का विवरण:
- प्रतिपदा (पहला दिन) – माँ शैलपुत्री की पूजा
- द्वितीया (दूसरा दिन) – माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा
- तृतीया (तीसरा दिन) – माँ चंद्रघंटा की पूजा
- चतुर्थी (चौथा दिन) – माँ कूष्मांडा की पूजा
- पंचमी (पांचवां दिन) – माँ स्कंदमाता की पूजा
- षष्ठी (छठा दिन) – माँ कात्यायनी की पूजा
- सप्तमी (सातवां दिन) – माँ कालरात्रि की पूजा
- अष्टमी (आठवां दिन) – माँ महागौरी की पूजा
- नवमी (नौवां दिन) – माँ सिद्धिदात्री की पूजा
नवरात्रि के अंतिम दिन कन्या पूजन किया जाता है, जिसमें नौ कन्याओं को माँ दुर्गा का स्वरूप मानकर भोजन कराया जाता है और उन्हें आशीर्वाद दिया जाता है।
चैत्र नवरात्रि का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व
चैत्र नवरात्रि का विशेष महत्व है, क्योंकि यह न केवल माँ दुर्गा की आराधना का समय होता है, बल्कि हिंदू पंचांग के अनुसार नववर्ष की शुरुआत भी मानी जाती है। इस दौरान घरों में कलश स्थापना, अखंड ज्योति जलाना, दुर्गा सप्तशती का पाठ और रामनवमी का पर्व विशेष रूप से मनाया जाता है।
नवरात्रि के दौरान उपवास और आहार
- उपवास के दौरान साबूदाना, सिंघाड़े का आटा, कुट्टू का आटा, फल, दूध और मखाने का सेवन किया जाता है।
- सेंधा नमक का उपयोग किया जाता है और लहसुन-प्याज से परहेज किया जाता है।
- नौ दिनों तक सात्विक भोजन ग्रहण करने से तन और मन दोनों की शुद्धि होती है।
नवरात्रि के दौरान विशेष उपाय और पूजा विधि
- सुबह और शाम माँ दुर्गा की आरती करें।
- नवरात्रि के दौरान लाल रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है।
- नौ दिनों तक अखंड दीप जलाना शुभ होता है।
- देवी को लाल फूल, फल और नारियल अर्पित करें।
चैत्र नवरात्रि 2025 आध्यात्मिक ऊर्जा और शक्ति का पर्व है, जो हमें भक्ति, अनुशासन और सकारात्मकता का संदेश देता है। इस शुभ अवसर पर माँ दुर्गा की आराधना करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि प्राप्त होती है। भक्तजन इस पावन पर्व को पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ मनाएं और माँ दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त करें।