रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के प्रेम और सुरक्षा के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। वर्ष 2025 में, पटना के प्रसिद्ध शिक्षक व यूट्यूबर खान सर ने इस पर्व को एक सामाजिक, भावनात्मक और सांस्कृतिक उत्सव में तब्दील कर दिया। इस आयोजन ने देशभर में ख़ासा ध्यान आकर्षित किया।
पटना के SK मेमोरियल हाल में रक्षाबंधन उत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 15,000 से अधिक महिला छात्राओं ने “राखी” बांधे। यह दृश्य बेहद भावपूर्ण था—उनकी कलाई पर इतने सारे रंग-बिरंगे राखियाँ, मिलन और भाई-बहन की भावना को ही नहीं, बल्कि एक गुरु-शिष्य संबंध की गहराई को भी दर्शा रहे थे
एक शिक्षक से ‘भाई’ तक का सफर
खान सर ने हमेशा अपनी छात्राओं को अपनी “बहन” माना है। इस आयोजन के दौरान उन्होंने बताया कि छात्राएँ जाति, धर्म और राज्य की सीमाओं को पार कर उनके पास आईं, और यह मानवीयता की महानता को दर्शाता है। रक्षाबंधन से बेहतर त्योहार नहीं हो सकता इतनी सारी राखियाँ बांधने के कारण उनका हाथ इतना भारी हो गया कि वे उसे उठा भी नहीं पा रहे थे—इस मज़ाकिया, मगर दिल छू लेने वाले अनुभव को उन्होंने वीडियो में साझा किया, जिसे लाखों बार देखा गया
इस आयोजन में खान सर ने सिर्फ भावनात्मक जुड़ाव पर ध्यान नहीं दिया, बल्कि 156 विभिन्न प्रकार के खाने-पीने के व्यंजन भी तैयार करवाए—जिससे यह सिर्फ एक शिक्षा कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक उत्सवपूर्ण सांस्कृतिक आयोजन बन गया |
इस आयोजन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और लाखों व्यूज़ प्राप्त किए। अनेक दर्शकों ने इसे “ऐसा त्योहार जो भावनात्मक संबंध बढ़ाए और भेदभाव मिटाए” कहकर सराहा। कई लोगों ने लिखा कि “ऐसे शिक्षक पूरे देश में हों तो भारत अवश्य विश्वगुरु बन जाएगा”|
खान सर का यह आयोजन सिर्फ राखियाँ बांधने तक सीमित नहीं था, बल्कि यह एक गुरु-शिष्य और भाई-बहन के रिश्ते की एक प्रतिमूर्ति बन गया। उन्होंने यह दिखाया कि शिक्षा सिर्फ अकादमिक नहीं होती—यह एक सांस्कृतिक, भावनात्मक और सामाजिक संबंधों का माध्याम भी है। यह आयोजन भारतीय परंपरा और आधुनिकता के बीच एक खूबसूरत सेतु बन गया।